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भारत के लड़ाकू विमान कार्यक्रम पर जेट इंजन निर्भरता का संकट, रणनीतिक चुनौती बढ़ी
भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम के सामने जेट इंजन की विदेशी निर्भरता एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन गई है. ‘द मॉर्निंग कॉन्टेक्स्ट’ में प्रकाशित सुशांत सिंह के विश्लेषण के अनुसार, भारत की भविष्य की लड़ाकू विमान परियोजनाएं अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के एफ414 इंजन पर निर्भर हैं. इससे लागत, आपूर्ति में देरी और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर देश की सैन्य तैयारियों पर पड़ सकता है.
साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जीई और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बीच भारत में एफ414 इंजन के संयुक्त उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण का समझौता हुआ था. इसे भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग में बड़ी उपलब्धि माना गया था. लेकिन हालिया बातचीत में इंजन की अनुमानित कीमत लगभग तीन गुना बढ़ गई है. साथ ही जीई ने भारत में असेंबली लाइन स्थापित करने के लिए करीब 80 करोड़ डॉलर (लगभग 7,500 करोड़ रुपये) के निवेश की मांग की है. रिपोर्ट के अनुसार, इंजन की महत्वपूर्ण फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल (एफएडीईसी) तकनीक का हस्तांतरण भी अमेरिका नहीं करना चाहता.
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जून में थोक महंगाई बढ़कर 9.8% हुई, खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी
‘स्क्रोल’ के मुताबिक, भारत में जून महीने में थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) बढ़कर 9.8% हो गई, जो मई में 9.6% थी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही.
मंत्रालय के अनुसार, सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मई के 109.9 से बढ़कर जून में 110.2 पर पहुंच गया.
जून में खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद), खाद्य पदार्थ, बेसिक धातुओं का निर्माण तथा रसायन एवं रासायनिक उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ने थोक महंगाई को ऊपर धकेला.
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मध्य प्रदेश भोजशाला विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने मामले का फैसला होने तक मुस्लिम पक्ष के लिए अस्थायी नमाज स्थल का सुझाव दिया
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की अपीलों पर नोटिस जारी किया. हालांकि अदालत ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया.
‘द हिन्दू’ के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुझाव दिया कि अंतिम फैसला आने तक विवादित परिसर के पास किसी खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने की व्यवस्था की जा सकती है. अदालत ने इसे अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सुझाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को भी निर्देश दिया कि वह अदालत की अनुमति के बिना विवादित ढांचे में कोई संरचनात्मक बदलाव न करे.
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ऑपरेशन सिंदूर में शहीद अग्निवीर के माता-पिता की लड़ाई. सम्मान मिला, लेकिन पेंशन अब भी नहीं
‘स्क्रोल’ के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 9 मई 2025 को भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुई गोलाबारी में शहीद हुए अग्निवीर मूड मुरलीनायक का नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज किया जा चुका है. उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया. लेकिन उनके माता-पिता का कहना है कि केवल सम्मान से उनका जीवन नहीं चलेगा. उनका सवाल है कि जब उनके बेटे ने नियमित सैनिकों की तरह सीमा पर लड़ते हुए जान दी, तो उसके परिवार को भी वही अधिकार और सुविधाएं क्यों नहीं मिलनी चाहिए जो अन्य शहीद सैनिकों के परिवारों को मिलती हैं. इसी मांग को लेकर उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यह मामला एक बार फिर अग्निपथ योजना और उसमें अग्निवीरों के अधिकारों को लेकर बहस के केंद्र में आ गया है.
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चार साल में भारतीय रेल से चोरी हुए 1.27 करोड़ बेडरोल. तौलिए सबसे ज्यादा गायब, कर्मचारियों की तनख्वाह से वसूली
भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाली बेडरोल सुविधा अब रेलवे और ठेकेदारों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जुटाए गए आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच एसी कोचों से कम से कम 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम गायब हो गए. इनमें चादर, तौलिया, कंबल, तकिया और तकिए के कवर शामिल हैं. इस दौरान चोरी की घटनाओं में 2022 की तुलना में 2025 तक लगभग 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रेलवे के 69 मंडलों में आरटीआई आवेदन दायर किए थे. इनमें से 54 मंडलों ने जवाब दिया, हालांकि कुछ ने आंशिक जानकारी ही उपलब्ध कराई. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तस्वीर सामने आई है.
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श्रवण गर्ग | प्रियांक खड़गे अगर मोदी जी नहीं मिले हुए हैं तो संघ से दोस्ती कर कर लें
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने निधीश त्यागी से बातचीत में कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर उठाए गए सवालों और उसके राजनीतिक असर का विश्लेषण किया. उन्होंने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष को अपनी राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा. उनके मुताबिक संघ पर सीधे हमले करने के बजाय विपक्ष को यह समझना चाहिए कि ऐसे बयानों का सबसे अधिक राजनीतिक लाभ किसे मिल रहा है.
श्रवण गर्ग का कहना था कि भाजपा की आंतरिक राजनीति और उत्तराधिकार को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं. उनके अनुसार यदि किसी नेता को संभावित उत्तराधिकारी मानकर राजनीतिक बहस खड़ी की जाती है तो उसी पैमाने पर दूसरे नेताओं को भी देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा और संघ के रिश्तों को समझे बिना इस पूरी बहस का सही आकलन नहीं किया जा सकता.
उन्होंने तर्क दिया कि संघ का भाजपा पर केवल वैचारिक ही नहीं, बल्कि नैतिक प्रभाव भी बना रहता है. ऐसे में यदि विपक्ष लगातार संघ को ही अपना मुख्य निशाना बनाता है तो इसका परिणाम उल्टा भी हो सकता है. उनके मुताबिक इससे भाजपा नेतृत्व और संघ के बीच दूरी कम होने के बजाय एकजुटता बढ़ सकती है और इसका राजनीतिक लाभ नरेंद्र मोदी को मिल सकता है.
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चढ़ावा चोरी विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले सीईओ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए
राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं. सफल आवेदक राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन का नेतृत्व करेगा और इसके दिन-प्रतिदिन के संचालन की देखरेख करेगा.
ट्रस्ट की अधिसूचना के अनुसार, आवेदन 18 जुलाई को शाम 4 बजे तक जमा किए जाने चाहिए. यह भर्ती एक चयन समिति द्वारा पात्रता मानदंडों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद की जा रही है. जैसा कि पहले बताया गया था, आवेदकों को प्रशासन या वित्त (फाइनेंस) में कम से कम 20 साल के अनुभव के साथ स्नातक (ग्रेजुएट) होना चाहिए. मंदिर प्रबंधन के पूर्व अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही आवेदकों का हिंदू धर्म का अनुयायी होना भी अनिवार्य है.
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नागालैंड में आईईडी विस्फोट में असम राइफल्स का एक जवान शहीद, 4 ज़ख्मी
गालैंड के चुमौकेदिमा जिले में सोमवार (13 जुलाई, 2026) दोपहर को हुए एक बम विस्फोट में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया और अर्धसैनिक बल के चार अन्य जवान घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों में से एक की हालत गंभीर है.
नागालैंड की राजधानी कोहिमा में एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सुखोवी के पास हुए इस विस्फोट का कारण एक संदिग्ध आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) था. ‘द हिंदू’ ब्यूरो के मुताबिक, जब यह विस्फोट हुआ, तब पीड़ित जवान वाहनों के काफिले में राज्य के वाणिज्यिक केंद्र दीमापुर लौट रहे थे. उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना बस इतना कहा, "एक अभियान (ऑपरेशन) जारी है."
चुमौकेदिमा के पुलिस उपायुक्त निखो वेनुह ने इस घटना की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, "विस्फोट के स्वरूप का पता लगाने के लिए एक बम निरोधक दस्ता घटना स्थल पर गया था." सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में स्थानीय लोग कुछ घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
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आकार पटेल | पहचान की परीक्षा
कानून-विहीन राष्ट्रों में एक आम विशेषता यह होती है कि वहाँ मनमानेपन को लेकर घबराहट का स्तर बहुत ऊँचा होता है. मध्यकालीन ग्रंथ हमें बताते हैं कि हमारे क्षेत्रों में हमेशा से ऐसा ही रहा है. क्रूरता को प्रक्रिया का रूप दे दिया जाता है, और लाखों लोगों को यातना दी जाती है. पूरे भारत में विशेष गहन संशोधन (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) फॉर्म बांटे जा रहे हैं. इस फॉर्म को पहली बार पढ़ने पर, पाठक चाहे कितना भी शिक्षित क्यों ना हो, यह समझना असंभव है कि उससे क्या करने की अपेक्षा की जा रही है, भले ही यह केवल एक पन्ने का हो.
हमें कार्यपालिका और न्यायपालिका द्वारा बताया जाता है कि हमें इस प्रक्रिया से गुजारना ना केवल तर्कसंगत है, बल्कि अनिवार्य और आवश्यक भी है. बेशक, हम पहले भी इस रास्ते पर चल चुके हैं.
1998 में, असम के राज्यपाल, एसके सिन्हा नाम के एक सेवानिवृत्त सैन्य व्यक्ति ने तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन को एक नोट भेजा था, जिसमें उन्होंने खतरनाक भाषा में इस स्थिति का उल्लेख किया था: "कई दशकों से पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध प्रवासन ने इस राज्य के जनसांख्यिकीय स्वरूप को बदल दिया है. यह असमिया लोगों की पहचान और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है. केंद्र और राज्य की लगातार सरकारों ने इस चुनौती का पर्याप्त रूप से सामना नहीं किया है."
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कैसे एक व्हिसलब्लोअर ने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया और राम मंदिर के शीर्ष प्रबंधन पर उंगलियाँ उठाईं
‘द वायर’ में आकांक्षा कुमार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भेद खोलने वाला व्यक्ति कौन था और किसने 5 साल पहले ही चोरी के बारे में शीर्ष प्रबंधन को अवगत करा दिया था. मगर आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. रिपोर्ट के सारांश के अनुसार, 9 जून, 2026 को वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के यूट्यूब चैनल 'टॉप सीक्रेट' पर दिए गए एक साक्षात्कार में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व अकाउंटेंट महिपाल सिंह ने एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि अयोध्या के इस भव्य राम मंदिर की लेखांकन प्रक्रिया (अकाउंटिंग प्रोसेस) में गंभीर खामियां हैं, जहाँ रोज़ाना होने वाले वित्तीय ऑडिट या जवाबदेही का कोई ठोस तंत्र मौजूद नहीं है.
महिपाल सिंह (जिनका परिवार कोटा, राजस्थान में आरएसएस के काफी करीब रहा है और जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी) ने दावा किया कि मंदिर के दान में कथित चोरी का मामला सबसे पहले 2021 में उनके सामने आया था. जब उन्होंने इस बात की शिकायत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से की, तो इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके विपरीत, उन्हें ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से हटाकर उनकी जगह एक नए व्यक्ति को नियुक्त कर दिया गया. विवाद बढ़ने के बाद चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया और गोपाल राव को बैठकों से दूर रहने के लिए कहा गया है.
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कीमतों की मार के बीच ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हुईं हवा; दोबारा सिर उठाती महंगाई बनी बड़ा खतरा
‘द टेलीग्राफ’ में परन बालकृष्णन ने भारत और वैश्विक स्तर पर दोबारा सिर उठा रही महंगाई तथा उसके कारण उत्पन्न होने वाली आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण किया है. उनका मानना है कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए आम जनता के लिए सस्ते कर्ज की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त होती दिख रही हैं और रिजर्व बैंक द्वारा आगामी दिनों में ब्याज दरों को बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं.
जून महीने में भारत की खुदरा महंगाई (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मई में 3.93 प्रतिशत थी. यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से कहीं अधिक है और पिछले 18 महीनों में पहली बार इसने भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के संतोषजनक लक्ष्य को पार किया है.
इस वृद्धि का सबसे प्रमुख कारण खाद्य महंगाई है, जो जून में बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गई. चूंकि भारत के कंज्यूमर बास्केट में खाद्य पदार्थों का हिस्सा एक-तिहाई से अधिक है, इसलिए इस उछाल ने आम परिवारों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है.
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निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीनकी 19 साल बाद कोलकाता वापसी
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 19 साल के लंबे अंतराल के बाद कोलकाता लौटने वाली हैं. वह 1 अगस्त को रवींद्र सदन में 'सेक्युलर मिशन एंड ह्यूमन राइट्स' और 'बांग्लादेश फ्रीडम फाइटर्स फाउंडेशन' द्वारा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी. आयोजकों ने उन्हें कट्टरपंथ के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बताया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया है, और वे स्वयं वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता के साथ कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित रहेंगे.
अग्निवो नियोगी के अनुसार, तस्लीमा नसरीन महिलाओं के अधिकारों और धार्मिक कट्टरपंथ पर अपने बेबाक लेखन के कारण 1994 से ही बांग्लादेश से निर्वासित हैं. स्वीडन की नागरिकता मिलने के बाद वे यूरोप और अमेरिका में रहीं, लेकिन बंगाल से सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण वे 2004 में रेसिडेंस परमिट मिलने पर कोलकाता में बस गईं. हालांकि, उनका प्रवास हमेशा विवादों में घिरा रहा. 2003 में उनकी पुस्तक 'द्विखंडितो' पर तत्कालीन वामपंथी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने हटा दिया.
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ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के मुख्य दोषी दारा सिंह को किया जाएगा रिहा
वर्ष 1999 में ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की नृशंस हत्या के मुख्य दोषी दारा सिंह को जल्द ही जेल से रिहा किए जाने की संभावना है. ओडिशा राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने जेल में उसके 'अच्छे व्यवहार' के आधार पर उसकी समय पूर्व रिहाई की सिफारिश की है.
‘द हिंदू’ में सत्यसुंदर बारिक की रिपोर्ट के अनुसार, दारा सिंह वर्तमान में क्योंझर जिला जेल में बंद है. वह विभिन्न जेलों में 26 वर्ष से अधिक का समय काट चुका है. 22 जनवरी 1999 की एक सर्द रात को दारा सिंह ने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर उस वैन में आग लगा दी थी, जिसमें स्टेन्स और उनके बेटे सो रहे थे. क्योंझर जिला प्रशासन से इस संबंध में प्रस्ताव मिलने के बाद पुलिस महानिदेशक (कारागार) ने उसकी रिहाई की सिफारिश की थी.
ओडिशा राज्य सजा समीक्षा बोर्ड की जुलाई के पहले सप्ताह में हुई बैठक में जेल से समय पूर्व रिहाई के पात्र आजीवन कारावास के कैदियों के मामलों पर विचार किया गया था.
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कथनी-करनी में अंतर: 2026 की पहली छमाही में चीन से भारत का आयात उछलकर 80 अरब डॉलर पहुंचा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे नारे दें या लाल किले की प्राचीर से स्वदेशी को प्रमोट करने का आव्हान करें, और सत्ता साकेत में बातें भले ही चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की जाती रही हों; मगर उनके नेतृत्व वाली सरकार इसके उलट काम कर रही है.
चीन के सीमा शुल्क सामान्य प्रशासन द्वारा मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में चीन से भारत का आयात 21.8% बढ़कर रिकॉर्ड 79.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. छह महीनों के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 91.72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.6% अधिक है. यह 2025 के रिकॉर्ड 155.62 अरब डॉलर के व्यापारिक आंकड़े को पार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जब चीन एक बार फिर वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था.
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मणिपुर में नगाओं की नाकेबंदी पर कुकी-ज़ो काउंसिल की आईबी प्रमुख के साथ बैठक, “सरकार की बहाली का कोई लाभ नहीं मिला”
मणिपुर के कांगपोकपी में नगा समूहों द्वारा कुकी-ज़ो क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रोकने का सिलसिला जारी रहने के बीच, इन जनजातियों के शीर्ष निकाय 'कुकी-ज़ो काउंसिल' (केज़ेडसी) ने सोमवार (13 जुलाई, 2026) को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित और केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. काउंसिल ने इस संकट में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और राजनीतिक समाधान को तेज करने की मांग की है.
‘द हिंदू’ में विजयेता सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, कुकी-ज़ो काउंसिल के सदस्यों ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक साल बाद, 4 फरवरी को लोकप्रिय सरकार की बहाली से उन्हें "कोई लाभ" नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि अब तक कुकी-ज़ो समुदाय के कम से कम 15 लोग मारे जा चुके हैं और 14 गांवों को जला दिया गया है. केज़ेडसी के प्रवक्ता गिन्ज़ा वुआलज़ोंग ने कहा कि मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह का कुकी-ज़ो लोगों से "ज्यादा कुछ लेना-देना नहीं" है, जो अब एक अलग प्रशासन — विधायिका (विधानसभा) के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश की मांग कर रहे हैं.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
भारत में फेशियल रिकग्निशन तकनीक (FRT) के बढ़ते इस्तेमाल और यूरोपीय संघ (EU) के कड़े एआई नियमों के बीच दोहरे मापदंडों पर विशेष रिपोर्ट; सुरक्षा के नाम पर निगरानी, निर्भया फंड के उपयोग और निजता के अधिकार पर बड़ा विश्लेषण.
आनंद तेलतुंबड़े का विशेष विश्लेषण. विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट बयान के बाद भारत में नागरिकता के अंतिम प्रमाण और चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़े संवैधानिक व कानूनी संकट की समीक्षा.
‘स्क्रोल’ की रिपोर्ट. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जांच के दायरे में आए 27 लाख से अधिक मतदाताओं में करीब 70% मुस्लिम; ‘सबर इंस्टीट्यूट’ के विश्लेषण में बड़ा दावा.
‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट. पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने 77 मुस्लिम समुदायों को ओबीसी (OBC) सूची से हटाने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील वापस ली; आरक्षण 17% से घटकर हुआ 7%.
‘द टेलीग्राफ’ में परन बालकृष्णन का आर्थिक विश्लेषण. भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई के कारण रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत और सस्ते कर्ज की उम्मीदें खत्म होने की समीक्षा.
अग्निवो नियोगी की रिपोर्ट. बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद 1 अगस्त को लौटेंगी कोलकाता; 'सेक्युलर मिशन' के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी और स्वपन दासगुप्ता के साथ होंगी शामिल.
‘द हिंदू’ में सत्यसुंदर बारिक की रिपोर्ट. ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के मुख्य दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की ओडिशा सजा समीक्षा बोर्ड ने की सिफारिश.
‘द हिंदू’ में अनंत कृष्णन की रिपोर्ट. वर्ष 2026 की पहली छमाही में चीन से भारत का आयात 21.8% बढ़कर रिकॉर्ड 79.41 अरब डॉलर पहुंचा; द्विपक्षीय व्यापार और बढ़ते व्यापार घाटे पर विशेष विश्लेषण.
वीडियो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार मिल रहे विदेशी सम्मान क्या भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक हैं, या इनके पीछे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की कोई अलग कहानी छिपी है? हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी चर्चा करते हैं कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं, विदेशी पुरस्कारों, इंडियन डायस्पोरा की राजनीति और भारत के भीतर मौजूद चुनौतियों को किस नज़र से देखा जाना चाहिए. इस बातचीत में चर्चा के प्रमुख मुद्दे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिल रहे विदेशी सम्मान. विदेशी पुरस्कारों पर उठे सवाल और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट. इंडियन डायस्पोरा की भूमिका और विदेश यात्राओं की राजनीति. भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और घरेलू चुनौतियां. विदेश नीति, कूटनीति और रणनीतिक हित. क्या विदेशी सम्मान घरेलू राजनीति को प्रभावित करते हैं? अगर आपको यह विश्लेषण महत्वपूर्ण लगा हो तो वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें. हरकारा. शोर कम, रोशनी ज़्यादा.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस एपिसोड में निधीश त्यागी ने पत्रकार शोभन सक्सेना से फ़ीफ़ा विश्व कप, ब्राज़ील की फुटबॉल संस्कृति, अर्जेंटीना से जुड़े विवाद, वीएआर, फ़ीफ़ा के बढ़ते व्यावसायीकरण और भारत में फुटबॉल की स्थिति पर विस्तार से बातचीत की. इस एपिसोड में जानिए. ब्राज़ील में फुटबॉल धर्म की तरह क्यों माना जाता है? आधुनिक फुटबॉल को दक्षिण अमेरिका ने कैसे बदला? अर्जेंटीना और वीएआर विवाद पर क्या हैं सवाल? क्या फ़ीफ़ामें राजनीति और कारोबार का असर बढ़ गया है? भारत और चीन फुटबॉल में पीछे क्यों रह गए? क्या फुटबॉल आज भी दुनिया को जोड़ने वाला सबसे बड़ा खेल है? अगर आपको यह विश्लेषण पसंद आए तो वीडियो को लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हरकारा को सब्सक्राइब करना न भूलें. #FIFAWorldCup #Football #Brazil #Argentina #Messi #VAR #FIFA #SportsPolitics #WorldCup #Harkara #HindiPodcast #NidheeshTyagi #ShobhanSaxena
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राम मंदिर ट्रस्ट में सामने आए कथित चढ़ावा अनियमितता के आरोपों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी का मामला है, या इससे राम मंदिर आंदोलन, न्यायिक प्रक्रिया, राजनीतिक परियोजना और संस्थागत जवाबदेही पर भी बहस जुड़ती है? हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में निधीश त्यागी ने प्रोफेसर अपूर्वानंद से इन्हीं सवालों पर विस्तार से बातचीत की. चर्चा में राम जन्मभूमि आंदोलन की राजनीतिक पृष्ठभूमि, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले, राम मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही, जांच एजेंसियों पर भरोसा, आरएसएस की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर प्रो. अपूर्वानंद ने अपने विचार रखे. यह बातचीत समकालीन राजनीति, इतिहास और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाती है. अगर वीडियो पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और हरकारा को सब्सक्राइब करना न भूलें. हरकारा. शोर कम, रोशनी ज़्यादा. #RamMandir #Ayodhya #Harkara #DeepDive #Apoorvanand #NidheeshTyagi #Politics #SupremeCourt #RSS #BJP #IndianPolitics #HindiNews #CurrentAffairs